" भगवा आतंक फेल,
अब बलात्कार पर खेल "
- भारत देश में प्रतिदिन दुर्भाग्य से लगभग 50 घटनाएं दुष्कर्म की होती हैं, ये बेहद शर्मनाक है । लेकिन जैसे आतंक का भगवा रंग फेल हो गया इसी प्रकार अब बलात्कार पर "खेल" खेलकर मंदिर के बहाने कुछ देशद्रोही और अराजक तत्व धार्मिक भ्रम फैलाकर घटना को रंग देना चाहते हैं । हाल ही में सलमान ने धोखे से हाईवे पर चलती कार में घंटों दुष्कर्म किया, तब कोई रंग देने कोशिश नहीं की दिल्ली कैंडल मार्च वालों ने और न ही अलीगढ़ में रोष वयक्त किया गया, जम्मू तो बहुत दूर है । जबकि सभी जानते है कि अपराधी का कोई रंग नहीं होता है लेकिन फिर भी आतंक को भगवा कहने वाले कुछ ना समझ, गंदी राजनीति वाले ये बलात्कार का असफल 'खेल' खेल रहे हैं । भगवा आतंक तो फेल हो गया, सभी वरी जो हो चुके हैं ।
- भूपेन्द्र शर्मा,
नौरंगाबाद, अलीगढ़

